बुलंद हौसलों की दास्तान 6 लेन सह 14 लेन एक्सप्रेस वे का निर्माण

बुलंद हौसलों और अटल इरादों की दास्तान सुनाने को तैयार हो चुका है, 135 किलोमीटर लंबा, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे जो नई दिल्ली से मेरठ तक के रास्ते को न केवल आसान बना देगा, बल्कि दिल्ली और एन सी आर में लगने वाले जाम तथा प्रदूषण की भीषण समस्या से भी निजात दिलाने में कारगर साबित होगा. यह एक्सप्रेस वे नई दिल्ली से डासना (गाज़ियाबाद) तक 14 लेन और शेष 6 लेन का बना है. 

Eastern Peripheral Expressway

मात्र 17 महीने में बने इस एक्सप्रेस वे की खासियत यह है कि इसपर चलते हुए आप न सिर्फ सुविधाजनक तरीके से दूरी तय करेंगे, बल्कि सफ़र का आनंद भी उठा पाएंगे. आपके सफ़र को और सुहावना और आनंददायक बनाने के लिए पूरे  रास्ते हरियाली और पानी के फव्वारों की विशेष व्यवस्था की  गयी है. 135 किलोमीटर के इस सफर को और भी आकर्षक बनाने के लिए पूरे भारत के कुल 36 स्मारकों के लघु प्रतीक बनाये गए हैं  जो आपको सम्पूर्ण भारत दर्शन का अहसास दिलाएगा. 

Miniature Monuments Besides Eastern Peripheral Expressway

इस एक्सप्रेस वे  शिलान्यास नवम्बर 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. इस एक्सप्रेस वे के बारे में ये जानना अहम्  है कि इसे तय समय से पहले तैयार कर लिया गया है जो यह साबित करता है कि अगर इरादे नेक हों तथा हौसले बुलंद तो फिर कुछ भी मुमकिन है. इस शानदार एक्सप्रेस वे का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दावे की भी पुष्टि करता है जिसमें उनहोंने कुछ दिन पहले ही कहा था कि जिस किसी भी योजना का वो शिलान्यास करते हैं उसका उद्घाटन भी वही करते हैं.  उनकी योजनाओं की घोषणा चुनावी लाभ के उद्देश्य से नहीं की जाती. 

जब भी मौका मिले इस शानदार ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे से गुजरने का यक़ीन करें इसकी तारीफ किये बिना नहीं रह पाएंगे और शायद ज़िंदगी एक सफर है सुहाना  गाने को गुनगुनाने को बाध्य हो जायेंगे.     

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