केरल में अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों की जान ले चुके "निपाह वायरस" का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। केरल के साथ-साथ अब ये पूरे भारत के लिए एक खतरा बनता जा रहा है। सरकार और अन्य स्वास्थ्य सेवी संस्थाओं के लिए भी ये गहन चिंता का विषय बन चुका है। ऐसा माना जा रहा है की चमगादड़ों की एक विशेष प्रजाति के द्वारा ये वायरस फैल रहा है।
इस वायरस के संक्रमण का एक कारण सूअरों को भी माना जा रहा है। स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों के अनुसार निपाह वायरस से बचने के लिए सूअर के माँस के अलावा उन फलों के सेवन से भी बचना चाहिए जिसे चमगादड़ों द्वारा जूठा किए जाने की आशंका हो। मुख्य तौर पर केला, आम, अंगूर और खजूर से बचने की बात कही जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO के दावे के अनुसार "निपाह वायरस" चमगादड़ों की एक विशेष प्रजाति "ग्रेटर इंडियन फ्रूट बैट" के मल, मूत्र और लार से फैलता है।
जिस तेजी से इस बीमारी और इसके कारणों की खबर फैलती जा रही है, लोगों में भय और आशंका भी उतनी ही तेजी से बढ़ रही है। इसी भय और आशंका के कारण सरकार ने भी लोगों को इन फलों से परहेज करने को कहा है। लेकिन, इसका बहुत बड़ा खामियाजा फलों के स्थानीय बिक्री एवं निर्यात पर बड़ा ही प्रतिकूल असर पड़ा है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार कई देशों ने दक्षिण भारत से निर्यात होने वाले फलों की खरीद पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
तस्वीर सौजन्य : Google


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