देश की राजनीति आपके ऊपर कितना प्रभाव डालती है ये बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी यादाश्त कैसी है? यकीन मानें राजनीति आपकी इसी कमजोर यादाश्त की खुराक पाकर फलती-फूलती रही है। यदि भरोसा न हो तो नीचे दिये गए तथ्यों को ध्यान से देखें, पढ़ें और समझें। आज इसे समझाने के लिए हमने उस LPG गैस को माध्यम बनाया है जिसके लिए आप को कभी सारे-सारे दिन लाईन में खड़ा रहना पड़ता था। शायद आपको ये भी याद आ जाये कि कितने दिन पहले नं॰ लगाना होता था और कितने दिनों के इंतज़ार के बाद गैस मिलता था। साथ ही, और भी कई बातें जो शायद आपको याद हो न हो।
ये पोस्ट उनके लिए भी खास है जिन्हें ये यकीन दिलाने में सारा विपक्ष दिन-रात एक किए हुये है कि वर्तमान सरकार ने जनता के हित में कुछ भी नहीं किया और उनकी रसोई महँगी हो गई है। इसे समझने के लिए पहले इस लिंक पर यहाँ क्लिक करें। इस लिंक को क्लिक करते ही आपको नीचे दिये गए तस्वीर में दिखाई गई सर्च रिज़ल्ट दिखेगी।
अब ऊपर दिये गए सर्च परिणामों में सबसे पहले तीर के निशान से इंगित किए गए लिंक नं॰ 1 को देखते ही आपको पता लगेगा कि 19 सितंबर 2012 से पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने एक परिवार को एक साल में सब्सिडि वाले सिर्फ 6 सिलिन्डर देने का प्रावधान कर दिया था। और इनके भेदभाव की राजनीति के बारे में भी यहीं से खुलासा होता है कि उक्त 19 सितंबर 2012 को इन्होंने सिर्फ कांग्रेस शासित राज्यों में सबसिडी वाले सिलिन्डर की संख्या को 6 से बढ़ा कर 9 किया था। यहाँ ये बताना भी बहुत जरूरी है कि साल में 6 सिलेन्डर की नीति भी कांग्रेस ने ही लागू की थी। जब कांग्रेस की इस नीति का बहुत विरोध या किया गया तो फिर 17 जनवरी 2013 को पूरे देश पर एहसान करते हुये सब्सिडी वाले 9 सिलेन्डर देने का प्रावधान किया गया।(लिंक नं॰ 2)
इस निर्णय में राहुल गाँधी को दयावान की भूमिका में प्रस्तुत किया गया था ये शायद कुछ लोगों को याद भी हो। यदि आपको ये याद न हो तो आप नीचे की तस्वीर में लिंक नं॰ 4 देख सकते हैं।
भाजपा की वर्तमान सरकार का ने 27 अगस्त 2014 को निर्णय लेते हुये साल में सब्सिडी वाले सिलिन्डर की संख्या 12 कर दी जो आज तक चल रही है। इसे आप लिंक नं॰ 3 और 4 से समझ सकते हैं। अब बात करते हैं LPG गैस की तत्कालीन और वर्तमान कीमतों की जिसे जानना आपके लिए वाकई आँख खोलने जैसा ही होगा। 2 जनवरी 2014 को बिना सब्सिडी वाले LPG गैस सिलेन्डर की कीमत थी 1241 रुपये यह जानने के लिए यहाँ क्लिक करें जो कि 1 जून 2018 को 698.50 रुपये मात्र रह गई है यह जानने के लिए यहाँ क्लिक करें। ये दोनों कीमतें दिल्ली की हैं। **याद है 700-800 रुपये तो आपको तब खर्च करने पड़ते थे जब पूरे दिन लाईन में खड़े रहने पर भी गैस नहीं मिलती थी और मजबूरी में आपको काला-बाजारी से गैस लेनी पड़ती थी। अब बात करें सब्सिडी वाले LPG गैस की तो 2 जनवरी 2014 को लगभग 414 रुपये थी इस बात को जानने के लिए यहाँ क्लिक करें। जो कि अब 1 जून 2018 को 493 रुपये है इसे जानने के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैं। ये दोनों कीमतें दिल्ली की हैं। जबकि विपक्ष द्वारा प्रचारित करते समय बिना सबसिडी वाले सिलिन्डर की कीमत 700 रुपये बताई जाती है। ये सही है कि चार सालों में LPG गॅस सिलेन्डर की कीमतों में 80 रुपये कि बढ़ोत्तरी हुई है, अर्थात लगभग 5% मात्र की वार्षिक वृद्धि।
अब ये तय करना आपके खुद के हाथों में है कि आप अपनी यादाश्त पर भरोसा करना चाहेंगे या फिर उनके ऊपर जो आपके कमजोर यादाश्त का फायदा उठाने की कोशिश में लगे रहते हैं।
यूँ तो आप स्वयं भी चेक कर सकते हैं फिर भी आपकी सुविधा हेतु सारे लिंक नीचे दिये गए हैं:
* लिंक नं॰ 1
* लिंक नं॰ 2
* लिंक नं॰ 3
* लिंक नं॰ 4



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