जी हाँ...सही समझा आपने यदि आपने भी इसे "भ्रमास्त्र" ही समझा है तो. काँग्रेस इस "भ्रमास्त्र" के सहारे ही आगामी 2019 के चुनावी महासमर में उतरने की तैयारी में है. काँग्रेस की तरफ से इसकी बाकायदा शुरुआत भी हो चुकी है. आइये देखें और समझें कैसे? जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, काँग्रेस के नेता बदहवासी और बेसुधी की स्थिति में आते जा रहे हैं. आये दिन किसी ना किसी काँग्रेसी नेता का कोई न कोई बयान या ट्वीट आ जाता है जिससे भाजपा के खिलाफ झूठ और भ्रम फैलाने की कोशिश की जाती है. अभी कुछ दिन पहले ट्वीटर पर काँग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह का एक ट्वीट आया था जिसमें पाकिस्तान के एक पुल को भोपाल का निर्माणाधीन पुल बताकर भ्रम फैलाने की कोशिश की गयी थी.
जैसे ही दिग्विजय सिंह ने ये ट्वीट किया, अखबारों ने भी इस ट्वीट को एक खबर की तरह प्रकाशित कर दिया और अचानक से एक बड़े झूठ को और भी ज्यादा फलने-फूलने का मौका मिल गया. ट्वीटर और फिर अखबारों के माध्यम से ये झूठ देश के करोड़ों लोगों तक पहुँच गया. देखिये, क्या लिखा था दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में.
बाद में, ट्वीटर के ही एक यूजर ने इस झूठ का पर्दाफाश किया और बताया कि ट्वीट में दिखाई गयी तसवीरें फर्जी हैं. लेकिन, काँग्रेस की सेहत पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. आज तक दिग्विजय सिंह ने इस ट्वीट के लिए न तो माफ़ी मांगी न ही उन्होंने इसे डिलीट ही किया. वैसे, माफी मांग लेने या डिलीट कर देने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता. क्योंकि, जितना भ्रम फैलना था वो तो फ़ैल गया. जिस तादाद में इनकी ओर से ये भ्रम फैलाए जा रहे हैं, तो ये संभव नहीं कि उनके हर झूठ को समय रहते बेनकाब भी किया जा सके. तथापि, हमारी कोशिश है कि अब आगे से काँग्रेस के द्वारा फैलाए जा रहे झूठों का जितना संभव हो सके पर्दाफाश करें और उसे आप सबों की नज़रों में ला सकें. इसके लिए "भ्रमास्त्र : २०१९ के लिए काँग्रेस का नया अस्त्र" एक धारावाहिक श्रृंखला के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा.
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